थैंक्यू मत कहिये !
वह हाथ में बैग लिए सीढ़ियों की ओर देख रही थी। यहाँ तक तो पहियों के सहारे आ गई , अब ऊपर ?
वह हाथ में बैग लिए सीढ़ियों की ओर देख रही थी। यहाँ तक तो पहियों के सहारे आ गई , अब ऊपर ?
तभी उसने पूछा - मैं ले चलूँ ? कोई चारा नहीं था , हामी भरना पड़ी।
ऊपर पहुँचकर बोली -थैंक्यू ,बेटा !
तपाक से वह बोला - बेटा कह रही हैं , तो थैंक्यू मत कहिये !
इतना बोलकर वह फुर्ती से चला गया और वह अवाक् ताकती रह गई।
-------------------------------------------------------------- २०१३
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सुनो नानी की कहानी
सुबह आँख खुलते ही नानी ssss....के नाम की पुकार मचती और नानी की जगह माँ को देखकर तुरत एक सवाल उछलता --- नानी गई क्या ? मासूमियत ऐसी कि दिनभर अपने बुद्धयांक का प्रमाण कई-कई बार देनेवाली के दिमाग में ये ख्याल नहीं आता कि नानी का सूटकेस यदि कमरे में है तो नानी जा कैसे सकती है ? फिर हर बात पर बस नानी ! पांच मिनिट। बेटा ब्रश कर ले , बस नानी ! पांच मिनिट, बेटा दूध पी ले , बस नानी ! पांच मिनिट, पांच मिनिट यानी समय चक्र का कौन-सा भाग , कालखंड का कितना हिस्सा यह भले न पता हो , पर इतना पक्का पता है कि नानी से पांच मिनिट की मोहलत याने माँ से पूरा अभयदान। फिर स्कूल के लिए दौड़-भाग। स्कूल जाने में कोई आना-कानी नहीं , कोई कोताही नहीं , पर नहाना है , नाश्ता करना है , तैयार होना है , हरेक के लिए बस नानी ! पांच मिनिट ....नानी की दुनिया का एक अनमोल हिस्सा इन पांच मिनिटों पर न्योछावर ....
बाद में दिनभर डोरेमान , नोविता , शेनचिन जैसे कार्टून चरित्र , श्रेया , इरा , सखी , हंसिका , अक्षी जैसी तमाम सहेलियाँ ....नानी हलुआ ... नानी पिज़्ज़ा , नानी दाल - चावल , नानी पिंक ड्रेस , नानी ये, नानी वो ...नानी का पांच अंकों में खरीदा मोबाईल बेकार क्योंकि उसमें गेम्स डाऊनलोड नहीं किये हैं नानी ने .....ऐसे - ऐसे प्रश्न जिनका नानी के पास कोई जवाब नहीं ---- भगवान का घर यानी ? लोग भगवान के घर क्यों जाते हैं ? झोपडी में रहनेवाले बच्चे गरीब क्यों होते हैं ? आप मेरी माँ की माँ हैं तो पप्पा की क्यों नहीं है ? मै अकेली क्यों हूँ , मेरे भाई-बहन क्यों नहीं है ? आप जब स्कूल जाती थी तो आपको भी छुट्टी के बाद झूलाघर जाना पड़ता था क्या ? नानी आपकी आँख में पानी कहाँ से आता है ?
और नानी की आँख का पानी है कि रुकता ही नहीं है। गिरता है वहां से लौटकर भी , कस्टमर केअर पर , केवायसी पर , डेबिट - क्रेडिट के आंकड़ों पर , ट्रांजेक्शन की रकमों पर , माउस पर , चश्मे पर ...... नानी सोचती है कि टाइप करे -- TEARS..... और फिर उसे सिलेक्ट कर डिलीट कर दे , नानी का सारा क्रिया - कलाप हेंग हो जाता है ....नानी जानती है कि BALANCE करने के लिए TEARS की Entry Delete करना जरुरी है ....पर ....पर जड़ता टूटे तब ना ?.....
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